पालघर | हाई वोल्टेज प्रचार, बड़े नेताओं की रैलिया, तीखे राजनीतिक दावे हुए फैल,पालघर-दहानु मे शिंदे सेना तो जव्हार-वाडा मे खिला कमल

पालघर जिले के नगर निकाय चुनावों ने इस बार जनता ने साफ संदेश दे दिया है कि यहां की राजनीति एकतरफा नहीं, बल्कि क्षेत्रवार भरोसे और प्रदर्शन पर टिकी है। एक ओर पालघर और दहानू नगर परिषदों में शिवसेना (शिंदे) ने भाजपा को करारी पटकनी दी, तो दूसरी ओर वाडा नगरपंचायत और जव्हार नगरपरिषद में भाजपा ने दमदार जीत दर्ज कर अपना कमल खिला दिया। हाई वोल्टेज प्रचार, बड़े नेताओं की रैलियों और तीखे राजनीतिक दावों के बीच आखिरकार जनता का फैसला इन चुनावों में ज़मीनी मुद्दों पर टिका नजर आया।
पालघर जिले के इन चुनावों को लेकर प्रचार अभियान बेहद आक्रामक रहा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने–अपने दलों के उम्मीदवारों के समर्थन में जोरदार रैलियां कीं। दहानू में तो दोनों नेताओं की अलग–अलग जनसभाओं के दौरान एक–दूसरे को राजनीतिक रूप से मात देने और लंका दहन तक के दावे किए गए। ऐसे में यह मुकाबला सिर्फ नगर परिषद का नहीं, बल्कि सियासी प्रतिष्ठा का भी बन गया था।


पालघर नगरपरिषद में शिवसेना (शिंदे) ने अपनी मजबूत पकड़ को एक बार फिर साबित किया। चार बार उपनगराध्यक्ष रह चुके उत्तम घरत ने भाजपा के कैलास म्हात्रे को 5,153 मतों से पराजित कर बड़ी जीत दर्ज की। यहां की 30 सदस्यीय नगर परिषद में शिवसेना (शिंदे) को 19 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा को 8 और शिवसेना (ठाकरे) को 3 सीटों पर संतोष करना पड़ा। यह नतीजा साफ तौर पर शिंदे गुट के पक्ष में गया जनादेश माना जा रहा है।

27 सीटों वाली दहानू नगरपरिषद में भी शिवसेना (शिंदे) ने भाजपा की सत्ता को झटका दिया। शिवसेना (शिंदे) के राजेंद्र माच्छी ने भाजपा के पूर्व नगराध्यक्ष और भाजपा के जिलाध्यक्ष भरत राजपूत को 3,055 मतों से पटकनी दी। हाई प्रोफाइल प्रचार के बावजूद मतदाताओं ने स्थानीय नेतृत्व और विकास के मुद्दों को तरजीह दी। यहां शिवसेना और एनसीपी के दोनों गुट भी एक साथ रहे। यहां भाजपा ने 17 सीटों पर जीत दर्ज की। और शिवसेना (शिंदे) को 2 सीटें मिली हैं। जबकि
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) को 8 सीटें मिली हैं।


इसके उलट जव्हार नगरपरिषद में भाजपा का दबदबा देखने को मिला। भाजपा उम्मीदवार पूजा उदावंत ने महाविकास आघाड़ी की उम्मीदवार रश्मीन मनियार (राष्ट्रवादी कांग्रेस–शरद पवार) को 1,653 मतों से हराया। यहां भाजपा ने 14 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। शिवसेना शिंदे को 2 एनसीपी अजीत 3 और एनसीपी शरद ने 1 सीट पर जीत दर्ज की है।


वाडा नगरपंचायत में भी भाजपा ने प्रतिष्ठा की लड़ाई अपने नाम की। भाजपा की रीमा गंधे ने शिवसेना (शिंदे) की हेमांगी पाटील को 972 मतों से पराजित किया। 17 सदस्यीय नगरपंचायत में भाजपा ने 11 सीटें जीतकर सत्ता पर मजबूत पकड़ बनाई। शिवसेना शिंदे ने 3 और एनसीपी शरद कांग्रेस व शिवसेना ठाकरे ने एक एक सीट पर जीत दर्ज की। कुल मिलाकर, पालघर जिले के चुनावी नतीजों ने यह तस्वीर साफ कर दी है कि कहीं शिंदे शिवसेना का दबदबा है, तो कहीं भाजपा का कमल खिल रहा है। जनता ने बड़े नेताओं के दावों से ज्यादा स्थानीय कामकाज और भरोसेमंद नेतृत्व को तरजीह दी है।

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