एसपी यतीश देशमुख की पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई ने पालघर में बचाई कई जानें,पढ़े पूरी खबर

Headlines18

पालघर | तटीय क्षेत्र के दांडी गांव में शुक्रवार सुबह अफवाह और आशंका से ग्रामीणों में तनाव का माहौल बन गया। लेकिन समय रहते जागरूक नागरिकों और पालघर के पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख के मार्गदर्शन में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से गंभीर घटना टल गई और भीड़ हिंसा जैसी स्थिति बनने से बच गई। पुलिस ने मौके से तीन संदिग्धों समेत एक नाबालिग को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, सुबह एक ऑटो रिक्शा में एक महिला समेत चार लोग गांव कंबल बेचने पहुंचे। इसी दौरान ग्राम पंचायत कार्यालय के पास मौजूद कुछ छात्राओं को शक हुआ कि संदिग्ध लोग मोबाइल फोन से नाबालिग लड़कियों की चोरी-छिपे तस्वीरें ले रहे हैं। छात्राओं ने तत्परता दिखाते हुए यह बात अपने परिजनों को बताई।


सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने संदिग्धों के मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें नाबालिग लड़कियों की तस्वीरें पाई गईं। देखते ही देखते गांव में अफवाह फैल गई और बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस नियंत्रण कक्ष को इसकी सूचना दी।
खबर मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरले, बोईसर के डीवाईएसपी विकास नाईक, सातपाटी पुलिस स्टेशन के एपीआई उदय सुर्वे, तथा तारापुर पुलिस स्टेशन के एपीआई निवास कणसे सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने भीड़ को शांत किया, लोगों को समझाया और सभी संदिग्धों को सुरक्षित हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारियों ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति अफवाहों पर भरोसा न करे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दे। प्राथमिक जांच में पता चला है कि हिरासत में लिए गए सभी लोग गुजरात के वलसाड जिले के धरमपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस मामले की गंभीरतापूर्वक जांच कर रही है।
मामले पर जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरले ने कहा,
“सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंच गया। संदिग्धों को हिरासत में लेकर जांच की जा रही है। लोगों से अपील है कि शांति बनाए रखें और कानून अपने हाथ में न लें।”

फिलहाल पालघर के एसपी यतीश देशमुख और उनकी पुलिस टीम की लोग त्वरित कार्यवाही के लिए प्रशंशा कर रहे है।

Share on:

Leave a Comment