बुलेट ट्रेन परियोजना को पालघर जिले में बड़ा झटका लगा है। बोईसर के करीब शिगांव और हनुमान नगर क्षेत्रों में स्थानीय किसान और आदिवासी समुदाय परियोजना के विरोध में उतर आए और विरोध में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण काम पूरी तरह रुक गया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि बिना उचित, न्यायसंगत और संतोषजनक मुआवज़ा दिए उनकी जमीनें अधिग्रहित की जा रही हैं, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा खतरा पैदा होता है।

धरना स्थल पर कई सामाजिक संगठनों और किसान संगठनों ने भी समर्थन जताया, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बनी रही। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भूमि सेना–आदिवासी एकता परिषद के जिला सचिव भरत वायडा ने आरोप लगाया कि मुआवज़ा दिए बिना जबरन काम शुरू किया गया और स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक पूर्ण और निष्पक्ष मुआवज़ा नहीं मिलता, परियोजना आगे नहीं बढ़ने दी जाएगी।
विरोध के चलते परियोजना की गति पर सीधा असर पड़ा है और इसकी समयसीमा पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन पर समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है। फिलहाल काम ठप है और आंदोलनकारी किसी ठोस निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों को उनका पक्ष जानने के लिए फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।






