वानगांव की जर्जर सड़कों पर हाईकोर्ट के वकील का सख़्त रुख, ग्रामस्थों की ओर से ग्रामपंचायत को कानूनी नोटिस

पालघर : जिले के वानगांव क्षेत्र की बदहाल और जानलेवा सड़कों को लेकर अब प्रशासन पर कानूनी दबाव बढ़ गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के अधिवक्ता एडवोकेट आशुतोष जे. दुबे ने ग्रामस्थों की ओर से वानगांव ग्रामपंचायत को कानूनी नोटिस भेजते हुए तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग की है।
नोटिस में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि वानगांव की प्रमुख सड़कों पर किया गया डामरीकरण घटिया, अधूरा और तकनीकी मानकों के पूरी तरह विपरीत है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढे, उखड़ी हुई सड़क की परतें और बिखरी गिट्टी से आम नागरिकों, महिलाओं, बुज़ुर्गों, बच्चों तथा दो-पहिया व चार-पहिया वाहन चालकों की जान को सीधा खतरा उत्पन्न हो रहा है।
एडवोकेट दुबे ने स्पष्ट किया है कि बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। यदि इन जर्जर सड़कों के कारण कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी ग्रामपंचायत, संबंधित प्रशासन और ठेकेदारों की होगी।
नोटिस में की गई प्रमुख मांगें:
• घटिया कार्य करने वाले दोषी ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई
• पूरी सड़क की खुदाई कर फुल एस्फाल्ट रिसर्फेसिंग (Full Asphalt Resurfacing) के माध्यम से नए सिरे से निर्माण
• सड़क संकेतक, डिवाइडर, स्पीड ब्रेकर और स्ट्रीट लाइटिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था
नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि तय समयसीमा में सुधार कार्य नहीं किया गया, तो इस मामले को जिलाधिकारी, संबंधित सक्षम विभागों और न्यायालय के समक्ष ले जाया जाएगा। इस कानूनी नोटिस की प्रतिलिपि जिलाधिकारी पालघर, उपविभागीय अधिकारी (SDO), लोक निर्माण विभाग (PWD), तहसीलदार, वानगांव पुलिस स्टेशन और संबंधित ठेकेदारों को भी भेजी गई है।
इस पहल के बाद वानगांव के स्थानीय नागरिकों में नई उम्मीद जगी है कि अब प्रशासन नींद से जागेगा और वर्षों से उपेक्षित सड़कों की हालत में वास्तविक सुधार देखने को मिलेगा।

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