45.320 ग्राम सोने का आभूषण बरामद, बोईसर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
सोने के गहनों को पॉलिश करने का झांसा देकर एक बुजुर्ग महिला से लाखों रुपये के गहने ठगने वाले दो शातिर आरोपियों को पालघर की बोईसर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनील जाधव की अगुवाई वाली टीम ने आरोपियों के पास से 45.320 ग्राम वजन के सोने के गहने बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, 13 जनवरी 2026 को बोईसर निवासी हंसी देवी रौतेला (उम्र 73 वर्ष), सब्जी मार्केट से खरीदारी कर यशपद्म बिल्डिंग के पास स्थित आईसीआईसीआई बैंक के समीप रुकी थीं। उसी दौरान दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनसे बातचीत शुरू की और गले की सोने की चेन तथा हाथ की चार चूड़ियों को “पॉलिश कर देने” के बहाने बड़ी चालाकी से उतरवा लिया।
जब उन्होंने अपने गहने वापस मांगे तो आरोपियों ने एक सफेद रूमाल में कागज़ों का बंडल बांधकर यह कहकर थमा दिया कि अंदर गहने हैं और मौके से फरार हो गए। इस तरह लगभग 3.50 लाख रुपये मूल्य के सोने के गहनों की ठगी की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने इस प्रकार की ठगी की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। उनके निर्देश पर
बोईसर के पुलिस उपाधीक्षक विकास नाईक के मार्गदर्शन में
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुनील जाधव के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। बोईसर पुलिस की टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धीरज उर्फ पापा राजाराम राठोड (उम्र 40 वर्ष), निवासी, लोकमान्य नगर, ठाणे तथा दिनेश हीरालाल सोलंकी (उम्र 42 वर्ष), निवासी अंधेरी पूर्व, मुंबई के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों के पास से ठगे गए सोने के गहने बरामद कर लिए गए हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार धीरज राठोड एक आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध घाटकोपर, भायखला, कर्जत और खार पुलिस थानों में धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। वहीं दिनेश सोलंकी के विरुद्ध भी घाटकोपर पुलिस थाने में पूर्व में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।
इस मामले की आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक चंद्रकांत हाके कर रहे हैं।
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस उपनिरीक्षक चंद्रकांत हाके, नितीन नरळे, हेड कांस्टेबल विजय दुबला, जयराम चौधरी, कांस्टेबल योगेश गावित, गणेश व्हसकोटी, शुभम सपकाळे, सचिन सोनवणे, मयूर पाटील, देवेंद्र पाटील, धीरज साळुंखे, मच्छिंद्र घुगे तथा साइबर पुलिस थाना पालघर की महिला कांस्टेबल ऋषिका बारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





