राज के. पुरोहित अमर रहें | घणसोली, नवी मुंबई में शुक्रवार को होगी श्रद्धांजलि सभा”

संसार में कोई सदा नहीं रहता, लेकिन कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनके जाने के बाद केवल खालीपन नहीं, बल्कि एक स्थायी पीड़ा और अपूरणीय कमी रह जाती है। ऐसे ही कर्मयोगी नेता थे राज के. पुरोहित , जिनका जीवन विचार, संगठन और समाज को समर्पित रहा।
राज के. पुरोहित का जन्म राजस्थान के सिरोही जिले के फुगनी गांव में हुआ। वे राजपुरोहित समाज नव परगना के अनमोल कोहिनूर रत्न थे। उनकी अनुपस्थिति मुंबई को वर्षों तक चुभती रहेगी। उनकी राजनीति भारतीय जनता पार्टी में जन्मी, वहीं निखरी और अंतिम सांस तक उसी विचारधारा के लिए वे सक्रिय रहे।


भाजपा की स्थापना से ही वे संगठन के साथ जुड़े रहे—एक कार्यकर्ता की विनम्रता और एक योद्धा की दृढ़ता के साथ। वे भाजपा की उस परंपरा के सच्चे प्रतिपालक थे, जो राजनीति को सत्ता नहीं बल्कि सेवा का माध्यम मानती है। संगठन के प्रति श्रद्धा, कार्यकर्ताओं के प्रति अपनापन और नेतृत्व के प्रति निष्ठा उनके व्यक्तित्व की पहचान थी।
उनका राजनीतिक संस्कार राजमाता विजया राजे सिंधिया के स्नेह, अटल बिहारी वाजपेयी की उदारता, लालकृष्ण आडवाणी की संगठन क्षमता और प्रमोद महाजन के रणनीतिक कौशल के सान्निध्य में विकसित हुआ। उनके जीवन का हर क्षण भाजपा के विचार को समर्पित रहा—मानो “सांस-सांस भाजपा” उनके जीवन मंत्र का हिस्सा हो।
मुंबई महानगरपालिका चुनावों में भाजपा की सफलता के पीछे उनका अथक परिश्रम, रणनीति और मजबूत संपर्क तंत्र अहम आधार रहा। भाजपा का मेयर मुंबई में बने, इस संकल्प के लिए उन्होंने अपने स्वास्थ्य की परवाह किए बिना दिन-रात काम किया। इसी राजनीतिक साधना की निरंतरता उनके पुत्र आकाश पुरोहित के लगातार दूसरी बार नगरसेवक चुने जाने में भी दिखाई देती है।
वैचारिक रूप से दृढ़, निर्णयों में स्पष्ट और लक्ष्य के प्रति अडिग राज के. पुरोहित मारवाड़ी होते हुए भी मराठी समाज में गहरी स्वीकार्यता और सम्मान रखते थे। उनके भीतर राजस्थान की आत्मा, भाजपा का विचार और मुंबई-महाराष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण था। वे जहां भी जाते, लोगों को यही लगता—यह नेता नहीं, हमारा अपना आदमी है।
उनके निधन से भाजपा ने मुंबई में एक चमकता सितारा खो दिया है, राजस्थानी समाज ने एक अभिभावक और मुंबई ने एक ऐसा चेहरा, जो संकट में सबसे आगे खड़ा रहता था और समाज को जोड़ने का काम करता था। उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ा विशाल जनसमुदाय इस बात का प्रमाण है कि किसी नेता की सबसे बड़ी कमाई लोगों के दिलों में जीवित रहना है।
कई दशकों तक मुंबई में राजस्थानी समाज की राजनीतिक पहचान को सशक्त करने वाले, पार्षद से लेकर मंत्री तक की यात्रा तय करने वाले, पाँच बार विधायक, महाराष्ट्र सरकार में कैबिनेट मंत्री, भाजपा मुंबई अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र राज्य उपाध्यक्ष रहे समाज के वरिष्ठ मार्गदर्शक स्वर्गीय श्री राज के. पुरोहित जी के आकस्मिक निधन पर राजपुरोहित समाज एवं समस्त राजस्थानी समाज द्वारा दाता श्री खेतेश्वर मंदिर, घणसोली, नवी मुंबई,शुक्रवार, दिनांक 30/01/2026 को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है।

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