बोईसर में बढ़ते अतिक्रमण और अवैध फेरीवालों के खिलाफ ग्रामपंचायत ने अब सख्त रुख अपना लिया है। मुख्य सड़कों और सार्वजनिक जगहों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच प्रशासन ने कार्रवाई में बाधा डालने वालों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए ग्राम पंचायत सहित सर्वदलीय स्थानीय नेताओं ने भी पुलिस बंदोबस्त की मांग भी की गई है, जिससे आने वाले दिनों में बोईसर में अतिक्रमण के खिलाफ और बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
बोईसर में अतिक्रमण हटाने का बड़ा अभियान
बोईसर को अतिक्रमण मुक्त और व्यवस्थित बनाने के लिए ग्रामपंचायत प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। मुख्य सड़कें, सार्वजनिक रास्ते और खुली जगहों पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस बंदोबस्त की मांग
कार्रवाई के दौरान विरोध और बाधाओं को देखते हुए ग्रामपंचायत ने पालघर पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर विशेष पुलिस बंदोबस्त की मांग की है। साथ ही सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की भी मांग की गई है। इस मौक़े पर उपसरपंच नीलम शंखे, भाजपा नेता संजय पाटिल, अशोक वड़े, शिवसेना नेता प्रभाकर राउल,मनसे नेता समीर मोरे,कांग्रेस नेता रणवीर शर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे.
क्यों जरूरी हुई सख्ती?
ग्रामपंचायत के अनुसार बोईसर तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक शहर है, जहां रोज हजारों नागरिक और कामगार रेलवे स्टेशन, बाजार और MIDC क्षेत्रों में आवाजाही करते हैं।
लेकिन सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण, अवैध फेरीवालों और कब्जों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। पैदल चलने वालों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किन इलाकों में हुई कार्रवाई?
प्रशासन द्वारा बोईसर-तारापुर रोड, पालघर रोड और अन्य व्यस्त इलाकों में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा कार्रवाई रोकने और कर्मचारियों का विरोध करने की घटनाएं सामने आईं।
सरकारी काम में बाधा का आरोप
ग्रामपंचायत का आरोप है कि कुछ महिलाओं ने कार्रवाई में हस्तक्षेप किया, जबकि सरकारी कामकाज में बाधा डालते हुए इलेक्ट्रिक वायर तक तोड़ दिए गए। प्रशासन ने साफ कहा है कि सरकारी कार्रवाई में रुकावट पैदा करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई जरूरी है।
शुक्रवार बाजार पर भी उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि व्यस्त क्षेत्रों में लगने वाले शुक्रवार बाजार को भी वहां से हटाया जाए। लोगों का कहना है कि इस बाजार के कारण ट्रैफिक और अव्यवस्था और ज्यादा बढ़ जाती है। हालांकि इस मुद्दे पर ग्रामपंचायत की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आया है।
जनता की नजर अब आगे की कार्रवाई पर
फिलहाल ग्रामपंचायत की सख्त कार्रवाई और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की इच्छाशक्ति को देखकर नागरिकों में उम्मीद जगी है कि बोईसर को साफ, व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त बनाया जा सकेगा।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है – “ये अतिक्रमण पूरी तरह हटेंगे… या फिर कुछ दिनों बाद दोबारा बसेंगे?”





