Boisar | होली मे रंग की जगह गैस देखकर सहमे थे लोग,अब बोईसर – तारापुर के सभी खतरनाक उद्योगों की सुरक्षा जांच के आदेश

पालघर जिले के बोईसर -तारापुर स्थित भगेरिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड में ओलियम गैस रिसाव की घटना के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। इस घटना के चलते बोईसर क्षेत्र के हजारों नागरिकों और कर्मचारियों को एहतियातन अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा। हालांकि समय रहते स्थिति नियंत्रित होने से बड़ा हादसा टल गया।

2 मार्च को हुआ था गैस रिसाव

तारापुर ओद्योगिक क्षेत्र मे 2 मार्च को भगेरिया इंडस्ट्रीज से ओलियम का रिसाव हुआ, जिससे सल्फर ट्राईऑक्साइड गैस लगभग 5 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैल गई। क्षेत्र मे हड़कंप मच गया था.

हजारों लोगों का किया था अस्थायी विस्थापन

गैस के प्रभाव को देखते हुए बोईसर क्षेत्र के करीब तीन हजार से ज्यादा नागरिकों और कर्मचारियों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा।

जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश

पालघर की जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ ने औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संचालनालय को तारापुर क्षेत्र के सभी खतरनाक उद्योगों का सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि उत्पादन प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर किया जा सके।

एक महीने में रिपोर्ट देने के निर्देश

संबंधित विभाग को उद्योगों में रासायनिक पदार्थों की हैंडलिंग और सुरक्षा उपायों की जांच कर एक महीने के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।

राज्यभर से 14 अधिकारी कर रहे सर्वेक्षण


औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग में सीमित कर्मचारियों के कारण राज्यभर से 14 अधिकारियों को विशेष सर्वेक्षण के लिए तैनात किया गया है। यह सर्वेक्षण जनवरी के मध्य से शुरू हुआ है, जिसे अब तेज किया जाएगा।

प्रदूषण नियंत्रण मंडल भी कर रहा जांच

महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल भी हर महीने रैंडम तरीके से उद्योगों की जांच करता है। प्रत्येक क्षेत्रीय अधिकारी लगभग 10 उद्योगों की जांच करता है।

हादसे की वजह

प्राथमिक जांच में सामने आया कि ओलियम टंकियों का लोहे का बीम सपोर्ट अम्लीय वातावरण के कारण जंग लगने से कमजोर हो गया था। सपोर्ट टूटने से टंकियां झुक गईं और लेवल मीटर तथा नोजल टूटने से ओलियम का रिसाव शुरू हो गया। उस समय दो टंकियों में करीब 1200 लीटर ओलियम मौजूद था।

एच-एसिड उत्पादन पर रोक

प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भगेरिया इंडस्ट्रीज में ओलियम के उपयोग से होने वाले एच-एसिड उत्पादन को फिलहाल बंद रखने के निर्देश दिए हैं। आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने और औद्योगिक सुरक्षा विभाग से प्रमाणन मिलने के बाद ही उत्पादन दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।

हादसे के समय प्रशासन एक्टिव मोड़ मे फिर..

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी कोई बड़ा हादसा होता है, तब कुछ समय के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग सक्रिय हो जाते हैं, जांच और सर्वेक्षण की घोषणाएं होती हैं। लेकिन कुछ समय बाद हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं। लोगों की मांग है कि केमिकल उद्योगों की सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के लिए स्थायी और सख्त व्यवस्था लागू की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

बढ़ते प्रदूषण से स्थानीय लोगों में चिंता

तारापुर एमआईडीसी क्षेत्र में बड़ी संख्या में केमिकल उद्योग होने के कारण आसपास के गांवों और शहरों के लोगों में लंबे समय से प्रदूषण को लेकर चिंता बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केमिकल गैस, पानी और हवा में बढ़ते प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। समय-समय पर होने वाली ऐसी घटनाओं से लोगों में डर का माहौल बन जाता है और वे प्रशासन से कड़े सुरक्षा उपाय तथा उद्योगों की नियमित और सख्त निगरानी की मांग कर रहे हैं।

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