पालघर जिले के बोईसर-तारापुर औद्योगिक क्षेत्र मे सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से पालघर जिला प्रशासन ने आज तारापुर MIDC में क्लोरीन गैस रिसाव की संभावित घटना पर आधारित एक मेगा ऑफ-साइट मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया। यह अभ्यास रासायनिक आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए किया गया। मॉक ड्रिल में सुपरफॉर्म केमिस्ट्रीज नामक औद्योगिक इकाई में नीडल वाल्व फेल होने से क्लोरीन गैस के बड़े पैमाने पर रिसाव का काल्पनिक दृश्य तैयार किया गया। इस दौरान एक कर्मचारी और तीन स्थानीय नागरिकों के प्रभावित होने की स्थिति मानकर तुरंत आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की गई।

जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखर ने मुख्य घटना नियंत्रक के रूप में पूरी कार्रवाई का नेतृत्व किया, जबकि जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विवेकानंद कदम ने विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया। मौके पर संदीप पाटील और अनुज पराटे ने फील्ड ऑपरेशन संभाला.इस मॉक ड्रिल में पुलिस, फायर ब्रिगेड, NDRF, सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग, MPCB और परिवहन विभाग सहित कई एजेंसियों ने भाग लिया। पुलिस ने क्षेत्र में सुरक्षा और ट्रैफिक कंट्रोल संभालते हुए इमरजेंसी वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया।
रेड जोन से नागरिकों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया, वहीं घायलों को तुरंत उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया। फायर ब्रिगेड और NDRF टीमों ने गैस नियंत्रण और रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस सफल मॉक ड्रिल के जरिए पालघर प्रशासन ने यह साबित किया कि वह किसी भी औद्योगिक आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार और सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है।






