बोईसर में मानसून की दस्तक के साथ ही बिजली व्यवस्था की कमजोरियां एक बार फिर सामने आ गई हैं। मंगलवार से शुरू हुई बारिश के बाद बोईसर-तारापुर औद्योगिक क्षेत्र सहित शहर के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। कई इलाकों में रात के समय लंबे समय तक बिजली गुल रहने से नागरिकों और उद्योगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश शुरू होते ही कई फीडरों में तकनीकी खराबी और ट्रिपिंग की समस्या सामने आई, जिसके कारण घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन कार्य प्रभावित होने के साथ-साथ कर्मचारियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ा। वहीं शहर के विभिन्न आवासीय क्षेत्रों में भी लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी।
नागरिकों का कहना है कि महावितरण की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यह कोई पहला अवसर नहीं है जब बारिश के साथ बिजली आपूर्ति चरमरा गई हो। हर वर्ष मानसून से पहले बिजली लाइनों के रखरखाव और आवश्यक तैयारियों के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में उन दावों की हकीकत सामने आ जाती है।
गौरतलब है कि भीषण गर्मी के दौरान भी कई बार ‘मानसून पूर्व रखरखाव’ के नाम पर घंटों बिजली कटौती की गई थी। उस समय दावा किया गया था कि बारिश के मौसम में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। हालांकि मानसून की शुरुआत होते ही बार-बार बिजली गुल होने की घटनाओं ने इन तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय नागरिकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने महावितरण से मांग की है कि बिजली व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाया जाए तथा बार-बार होने वाली तकनीकी खराबियों का स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका कहना है कि हर साल एक जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं देता। मानसून अभी शुरू ही हुआ है। ऐसे में यदि बिजली व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।






