गौ तस्करी में शामिल लोगों के बहिष्कार पर भी मंथन
पालघर जिले के बोईसर में मुस्लिम समाज की ओर से गाय को राष्ट्र पशु घोषित किए जाने की मांग उठाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने गौ संरक्षण को भारतीय संस्कृति और सामाजिक संवेदनाओं से जुड़ा विषय बताते हुए केंद्र और राज्य सरकार से इस दिशा में ठोस निर्णय लेने की अपील की। मुस्लिम समाज की इस पहल ने जिले में नई चर्चा को जन्म दिया है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि गाय देश की कृषि व्यवस्था, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण आधार रही है। करोड़ों लोग इसे श्रद्धा और आस्था की दृष्टि से देखते हैं, इसलिए इसे राष्ट्र पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए। मुस्लिम समाज की बैठक के दौरान कुर्बानी में गाय का उपयोग नहीं करने की अपील भी की गई। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि सभी धर्मों और समुदायों की भावनाओं का सम्मान करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
दारुल उलूम गौसिया के चीफ ट्रस्टी रफीक शेख, दारुल उलूम गौसिया के अजमत शाह उर्फ मिंटू समेत मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने पालघर के पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख को ज्ञापन सौंपा। प्रशासन से मांग की गई कि इस प्रस्ताव को महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाए।
इस मौके पर दारुल उलूम गौसिया के अजमत शाह उर्फ मिंटू ने कहा कि समाज में गौ तस्करी जैसी गतिविधियों को लेकर गंभीर चिंता है। उन्होंने बताया कि बैठक में यह विचार भी रखा गया कि गौ तस्करी में शामिल पाए जाने वाले मुस्लिम समाज के लोगों का सामाजिक स्तर पर पूर्ण बहिष्कार किया जाए। उनका कहना था कि ऐसे लोग समाज और कौम दोनों की छवि खराब करते हैं तथा उनके खिलाफ सख्त सामाजिक कार्रवाई जरूरी है। अधिकारियों ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए मांग को उचित स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।






