बोईसर मे कुछ बूंदें बरसीं, आधा शहर और एमआईडीसी अंधेरे में डूबा; रेलवे स्टेशन पर कई घंटो से ब्लैकआउट

बोईसर : मानसून की पहली हल्की बूंदाबांदी ने ही महावितरण की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। मंगलवार शाम को हुई हल्की बारिश के बाद बोईसर शहर के कई हिस्सों सहित तारापुर एमआईडीसी क्षेत्र के बड़े भाग में अचानक बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली कटौती के कारण हजारों नागरिकों, व्यापारियों और उद्योगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति इतनी गंभीर रही कि बोईसर रेलवे स्टेशन भी शाम 6 बजे से अंधेरे में डूबा नजर आया। स्टेशन पर बिजली नहीं होने से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से यात्रियों में असुरक्षा की भावना भी देखी गई। कार्यालय से घर लौटने वाले लोगों को उमस और गर्मी के बीच घंटों इंतजार करना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि हर वर्ष मानसून पूर्व बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने और आवश्यक रखरखाव कार्यों के दावे किए जाते हैं, लेकिन हल्की बारिश होते ही बिजली गुल हो जाना इन दावों की हकीकत बयां करता है। लोगों का कहना है कि यदि हल्की बूंदाबांदी में यह हाल है तो भारी बारिश के दौरान स्थिति और भी खराब हो सकती है।
बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरों में पंखे, कूलर और अन्य उपकरण बंद हो गए, जिससे भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों को भारी तकलीफ झेलनी पड़ी। वहीं कई दुकानदारों और छोटे व्यवसायों का कामकाज भी प्रभावित हुआ। तारापुर एमआईडीसी क्षेत्र में भी कई औद्योगिक इकाइयों को बिजली कटौती का असर झेलना पड़ा।
खबर लिखे जाने तक बोईसर शहर, रेलवे स्टेशन सहित और आसपास के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी थी। नागरिकों ने महावितरण से जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था सुधारने और मानसून के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है

महावितरण का कहना है फीडर की मुख्य बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। इसलिए बिजली सेवा बहाल होने मे समय लग सकता है.

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