बोईसर-तारापुर एमआईडीसी मे स्थित विराज प्रोफाइल्स के SMS-1 प्लांट में सोमवार को स्टील पिघलाने की प्रक्रिया के दौरान जोरदार ब्लास्ट होने से हड़कंप मच गया। हादसे में दो कामगार घायल हुए हैं। घटना के समय प्लांट में बड़ी संख्या में कामगार मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10:45 बजे फर्नेस में स्टील पिघलाने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ। बताया गया कि ब्लास्ट से कुछ समय पहले चेतावनी अलार्म बज गया था, जिसके बाद कई कामगार सुरक्षित स्थान पर चले गए। इस वजह से बड़ी जनहानि टलने की बात सामने आई है। हादसे में क्रेन ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार रामअवध शर्मा (45) झुलस गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक अन्य कामगार को भी चोट लगने की जानकारी है। ब्लास्ट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में भी इसकी आवाज सुनाई दी और कंपनी की संरचना को नुकसान पहुंचने की खबर है।
घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस तथा संबंधित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। औद्योगिक सुरक्षा एवं आरोग्य संचालनालय (DISH) की टीम द्वारा भी घटना की जांच की जा रही है। ब्लास्ट आखिर किस तकनीकी कारण से हुआ, इसकी जांच के बाद ही वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
पहले भी हो चुके हैं गंभीर हादसे
विराज प्रोफाइल्स में यह पहला गंभीर हादसा नहीं है। 25 अगस्त 2025 को कंपनी में टायर के जोरदार ब्लास्ट में एक कामगार की मौके पर ही मौत हो गई थी। उस घटना के बाद भी कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे.इसके अलावा अक्टूबर 2025 में गर्म धातु से संबंधित हादसे में कामगारों के झुलसने की खबर सामने आई थी। नवंबर 2025 में विराज प्रोफाइल्स में हुए एक अन्य हादसे में कामगार की मौत हुई थी.
यानी पिछले कुछ समय में कंपनी में ब्लास्ट, गर्म धातु से जुड़े हादसे और कामगारों की मौत/चोट जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में 17 अगस्त के ताजा ब्लास्ट ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच में ब्लास्ट का कारण क्या सामने आता है और कंपनी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर क्या कमियां पाई जाती हैं। जांच रिपोर्ट से यह भी स्पष्ट हो सकेगा कि पिछले हादसों के बाद सुझाए गए सुरक्षा उपायों को कंपनी में कितना प्रभावी ढंग से लागू किया गया था।






