बोईसर में 220 जोड़ों का भव्य सामूहिक विवाह समारोह, 8 दिव्यांग जोड़े भी बंधे परिणय सूत्र में

पालघर जिले के बोईसर में शनिवार को आदिवासी परंपरा, संस्कृति और उत्साह का अनोखा संगम देखने को मिला। शिवसेना (शिंदे) के आदिवासी विकास विभाग और आधार प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित भव्य सामूहिक विवाह समारोह में 220 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इस दौरान पूरा विवाह परिसर शहनाइयों, मंगल गीतों और पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों से गूंज उठा। समारोह की खास बात यह रही कि इसमें 8 दिव्यांग जोड़ों का विवाह भी संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र के गृहराज्य मंत्री योगेश कदम प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। वहीं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वीडियो कॉल के माध्यम से नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिया।


आधार प्रतिष्ठान द्वारा आदिवासी समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वर्ष 2008 से सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। कोरोना काल को छोड़कर यह आयोजन लगातार जारी रखा गया है। संस्था की ओर से जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सहयोग देने का प्रयास किया जाता है, जिससे विवाह जैसे बड़े आयोजन का आर्थिक बोझ कम हो सके।
इस अवसर पर गृहराज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा कि सामूहिक विवाह समारोह समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलती है तथा समाज में सहयोग और एकता की भावना मजबूत होती है। कार्यक्रम में विधायक राजेंद्र गावित, शिवसेना (शिंदे) जिला प्रमुख कुंदन संखे, पूर्व विधायक श्रीनिवास वनगा, उपनेता ज्योति मेहेर और टीमा के उपाध्यक्ष पापा ठाकुर सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समारोह के आयोजन की जिम्मेदारी शिवसेना (शिंदे) के उपनेता और आधार प्रतिष्ठान अध्यक्ष जगदीश धोडी, कार्याध्यक्ष वैभव संखे, सचिव कल्पेश धोडी और कोषाध्यक्ष सागर धोडी ने संभाली।
कार्यक्रम को लेकर बोईसर समेत पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार और बैनरबाजी की गई थी.उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यक्रम में शामिल होने की घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह का माहौल था। जिला प्रशासन की ओर से उनके संभावित दौरे को लेकर समय और रूट की जानकारी भी जारी की गई थी। हेलीपैड स्थल से लेकर कार्यक्रम स्थल तक पूरे मार्ग को झंडों और बैनरों से सजाया गया था।
हालांकि, ऐन मौके पर आकस्मिक कारणों से उपमुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, जिससे कई कार्यकर्ताओं में मायूसी देखने को मिली। वहीं कार्यक्रम में शिवसेना जिला प्रमुख वसंत चव्हाण और बोईसर विधायक विलास तरे की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही। कार्यक्रम के लिए लगे कुछ बैनरो मे भी चेहरे गायब दिखे जिसको लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी को लेकर दबी जुबान ही सही पर चर्चाएं हो गई हैं।

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