पालघर जिले के डहाणू में दो सगी बहनों के कथित यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग से जुड़े बहुचर्चित मामले को लेकर बुधवार को व्यापक जनाक्रोश देखने को मिला। डहाणू, घोलवड़, आशागढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में बंद का असर रहा, जहां कई बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। सकल हिंदू समाज ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आंदोलन किया।
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, 24 वर्षीय युवक पर दो सगी बहनों के आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने तथा दबाव बनाकर दुष्कर्म करने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। पीड़िताओं में से एक के नाबालिग होने के कारण आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

मामले को लेकर आयोजित जनजागरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। वक्ताओं ने इसे महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। कार्यक्रम में भारी संख्या मे सकल हिंदू समाज उपस्थित रहा.
इस बीच, भाजपा नेता एवं विधान परिषद सदस्य चित्रा वाघ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी गहन जांच की मांग की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्णय लिया है।
वहीं, मामले की जांच में कथित लापरवाही के आरोपों के बाद पालघर के पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने डहाणू पुलिस थाने के पुलिस उपनिरीक्षक दिनेश आघाव को निलंबित कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आवश्यक सतर्कता और प्रक्रिया के पालन में त्रुटियां सामने आई हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था, लेकिन आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं में कमी के कारण उसे राहत मिल गई। बाद में उसके दोबारा फरार होने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।






