पालघर जिले में हुई भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित परिवारों तथा जिन नागरिकों की आजीविका प्रभावित हुई है, उन्हें आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया जिला प्रशासन ने तेज कर दी है। राहत एवं पुनर्वास विभाग की ओर से सहायता की दो श्रेणियों के तहत कुल ₹39.86 करोड़ की राशि मंजूर की गई है।
कुल मंजूर राशि में से अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों के लिए ₹29.87 करोड़, जबकि प्राकृतिक आपदा के कारण व्यवसाय और आजीविका प्रभावित हुए दुकानदारों एवं टपरीधारकों के लिए ₹9.99 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
15,190 लाभार्थियों को ₹22.77 करोड़ वितरित
परिवारों को आर्थिक सहायता देने की श्रेणी में अब तक जिले के 15,190 लाभार्थियों को ₹22.77 करोड़ की सहायता वितरित की जा चुकी है। सबसे अधिक सहायता डहाणू तालुका में दी गई है। यहां 5,321 लाभार्थियों को ₹7.98 करोड़ वितरित किए गए हैं। इसके बाद वसई में 5,000 लाभार्थियों को ₹7.50 करोड़, पालघर में 3,255 लाभार्थियों को ₹4.88 करोड़, तलासरी में 1,550 लाभार्थियों को ₹2.32 करोड़ तथा वाडा में 64 लाभार्थियों को ₹8.28 लाख की सहायता दी गई है। शेष 7,707 प्रभावित लाभार्थियों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया जारी है। जिला प्रशासन की ओर से राहत राशि का वितरण जल्द पूरा करने के लिए आवश्यक कार्रवाई तेज कर दी गई है।
दुकानदारों और टपरीधारकों के लिए ₹9.99 करोड़
भारी बारिश और बाढ़ से जिन दुकानदारों और टपरीधारकों के व्यवसाय एवं आजीविका पर असर पड़ा है, उनके लिए दूसरी श्रेणी के तहत ₹9.99 करोड़ की राशि मंजूर की गई है। तालुकानुसार मंजूर राशि में पालघर के लिए ₹35.95 लाख, डहाणू के लिए ₹1.30 करोड़, तलासरी के लिए ₹5.50 लाख और वसई के लिए ₹5.025 करोड़ शामिल हैं।
इस श्रेणी के पात्र दुकानदारों और टपरीधारकों का सत्यापन तथा सहायता वितरण की प्रक्रिया जारी है। पात्र लाभार्थियों तक मंजूर आर्थिक सहायता बिना अनावश्यक देरी के पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। मंजूर निधि उपलब्ध होने से नुकसानभरपाई और आर्थिक सहायता के वितरण में तेजी आई है। लाभार्थियों का सत्यापन, आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति और सहायता राशि का वितरण पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए संबंधित विभाग काम कर रहे हैं।अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित नागरिकों को समय पर आर्थिक सहारा देना तथा प्रभावित परिवारों, दुकानदारों, टपरीधारकों और अन्य आजीविका धारकों को प्राकृतिक आपदा से उबरने में मदद करना इस राहत वितरण का मुख्य उद्देश्य है।






